आजकल गैस, एसिडिटी और पेट में जलन की समस्या बहुत आम हो गई है।
जैसे ही पेट में हल्की जलन या भारीपन महसूस होता है, लोग तुरंत गैस की गोली या एंटासिड ले लेते हैं।
लेकिन क्या आपने कभी सोचा है —
अगर गैस की दवा रोज ली जाए तो शरीर पर उसका क्या असर पड़ता है?
कभी-कभी दवा लेना ठीक है, लेकिन रोजाना दवा लेना शरीर के लिए सही नहीं होता।
इस लेख में हम विस्तार से समझेंगे:
गैस की दवा कैसे काम करती है
रोज लेने से क्या नुकसान हो सकते हैं
किन दवाओं से ज्यादा खतरा होता है
सुरक्षित विकल्प क्या हैं
गैस की दवा कैसे काम करती है?
गैस और एसिडिटी की दवाएं मुख्य रूप से तीन प्रकार की होती हैं:
1️⃣ एंटासिड (Antacids)
ये पेट के एसिड को तुरंत न्यूट्रल करती हैं।
इनका असर जल्दी होता है लेकिन थोड़े समय के लिए।
2️⃣ H2 ब्लॉकर
ये एसिड बनने की मात्रा कम करते हैं।
3️⃣ PPI (Proton Pump Inhibitors)
ये पेट में एसिड बनने की प्रक्रिया को काफी हद तक रोक देते हैं।
समस्या तब शुरू होती है जब इन दवाओं को बिना डॉक्टर की सलाह के लंबे समय तक लिया जाता है।
गैस की दवा रोज लेने से संभावित नुकसान
1️⃣ पाचन तंत्र कमजोर होना
पेट का एसिड सिर्फ जलन पैदा करने के लिए नहीं होता।
यह भोजन को पचाने और बैक्टीरिया को मारने के लिए जरूरी है।
अगर एसिड लगातार दबाया जाए:
भोजन ठीक से नहीं पचता
गैस और कब्ज बढ़ सकती है
पोषक तत्वों का अवशोषण कम हो सकता है
2️⃣ विटामिन B12 की कमी
लंबे समय तक एसिड कम रहने से शरीर में विटामिन B12 का अवशोषण कम हो सकता है।
इससे:
कमजोरी
हाथ-पैर में झनझनाहट
याददाश्त की समस्या
हो सकती है।
3️⃣ आयरन और कैल्शियम की कमी
एसिड की कमी से:
आयरन का अवशोषण घटता है
कैल्शियम सही से नहीं मिलता
लंबे समय में यह हड्डियों को कमजोर कर सकता है।
4️⃣ किडनी पर असर
कुछ शोध बताते हैं कि PPI दवाओं का लंबे समय तक उपयोग:
किडनी फंक्शन को प्रभावित कर सकता है
किडनी डिजीज का जोखिम बढ़ा सकता है
5️⃣ आंतों में संक्रमण का खतरा
पेट का एसिड शरीर को हानिकारक बैक्टीरिया से बचाता है।
जब एसिड कम हो जाता है:
फूड पॉइजनिंग का खतरा बढ़ सकता है
आंतों में संक्रमण हो सकता है
6️⃣ एसिड रिबाउंड (Rebound Effect)
जब आप लंबे समय तक दवा लेते हैं और अचानक बंद करते हैं:
एसिड पहले से ज्यादा बनने लगता है
जलन बढ़ जाती है
इससे व्यक्ति फिर से दवा पर निर्भर हो जाता है।
7️⃣ असली बीमारी छिप जाना
लगातार गैस की दवा लेने से:
अल्सर
GERD
IBS
पेट की गंभीर बीमारी
जैसी समस्याएं छिप सकती हैं।
दवा लेने से लक्षण दब जाते हैं, लेकिन कारण ठीक नहीं होता।
कब दवा लेना ठीक है?
✔ कभी-कभी भारी खाना खाने के बाद
✔ डॉक्टर की सलाह पर
✔ सीमित अवधि के लिए
कब सावधान हो जाना चाहिए?
अगर आपको:
रोज एसिडिटी
निगलने में दिक्कत
वजन कम होना
उल्टी में खून
काला मल
जैसे लक्षण हों, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें।
गैस की समस्या का असली कारण क्या हो सकता है?
अक्सर कारण होते हैं:
गलत खान-पान
देर रात खाना
तनाव
ज्यादा चाय-कॉफी
ज्यादा तला-भुना भोजन
ज्यादा मोबाइल और कम नींद
दवा सिर्फ लक्षण दबाती है, जीवनशैली नहीं सुधारती।
सुरक्षित विकल्प क्या हैं?
🌿 1. खान-पान सुधारें
समय पर खाना
हल्का भोजन
ज्यादा फाइबर
🧘 2. तनाव कम करें
गहरी सांस
योग
ध्यान
🚶 3. रोज 20–30 मिनट टहलें
💤 4. पर्याप्त नींद लें
क्या गैस की दवा पूरी तरह गलत है?
नहीं।
समस्या दवा नहीं, उसका गलत और लंबा उपयोग है।
डॉक्टर की सलाह के बिना महीनों तक दवा लेना सुरक्षित नहीं है।
निष्कर्ष
गैस की दवा रोज लेने से:
पाचन कमजोर
विटामिन की कमी
हड्डियों पर असर
किडनी पर प्रभाव
संक्रमण का खतरा
हो सकता है।
अगर आपको रोज दवा लेने की जरूरत पड़ रही है,
तो समझिए कि शरीर आपको संकेत दे रहा है।
दवा से ज्यादा जरूरी है —
जीवनशैली में सुधार।
⚠️
Disclaimerयह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है।
किसी भी दवा को लंबे समय तक लेने से पहले डॉक्टर से सलाह अवश्य लें।
✍️ लेखक के बारे में:
यह लेख HealthWithPinsU टीम द्वारा तैयार किया गया है,
जिसका उद्देश्य सरल हिंदी में स्वास्थ्य संबंधी जानकारी देना है।
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