बार-बार डकार क्यों आती है? 8 संभावित कारण और कब डॉक्टर को दिखाएं
डकार आना शरीर की एक सामान्य प्रक्रिया है। खाना या पानी खाते-पीते समय थोड़ी हवा पेट में चली जाती है और शरीर उसे मुंह के रास्ते बाहर निकाल देता है। इसलिए कभी-कभी डकार आना सामान्य माना जाता है। लेकिन अगर आपको बार-बार डकार आती है, खाना खाने के बाद लगातार डकार आती है या इसके साथ पेट फूलना, गैस, सीने में जलन, खट्टी डकार या पेट दर्द जैसी समस्या भी रहती है, तो इसके पीछे कुछ अलग कारण हो सकते हैं।
बार-बार डकार आने का सबसे सामान्य कारण अधिक हवा निगलना हो सकता है। इसके अलावा जल्दी-जल्दी खाना, कार्बोनेटेड ड्रिंक पीना, च्युइंग गम चबाना, एसिड रिफ्लक्स, अपच और कुछ पाचन संबंधी समस्याएं भी डकार बढ़ा सकती हैं।
इस लेख में हम जानेंगे कि बार-बार डकार क्यों आती है, इसके 8 संभावित कारण क्या हैं, डकार कम करने के लिए क्या सावधानी रखनी चाहिए और किन लक्षणों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
डकार आखिर क्या होती है?
डकार यानी Belching पेट या ऊपरी पाचन तंत्र से अतिरिक्त हवा के मुंह के रास्ते बाहर निकलने की प्रक्रिया है। भोजन और पेय पदार्थ लेते समय थोड़ी मात्रा में हवा निगलना सामान्य है। शरीर इस अतिरिक्त हवा को डकार के रूप में बाहर निकाल सकता है।
कई लोगों में दिनभर में कई बार डकार आना सामान्य हो सकता है। समस्या तब मानी जाती है जब डकार बहुत ज्यादा हो जाए, बार-बार होने लगे या इसके साथ अन्य लक्षण भी दिखाई दें।
बार-बार डकार आने के 8 संभावित कारण
1. खाना बहुत जल्दी खाना
अगर आप भोजन बहुत जल्दी खाते हैं, तो खाने के साथ ज्यादा हवा भी निगल सकते हैं। यही हवा बाद में डकार के रूप में बाहर निकलती है। जल्दी खाने के साथ-साथ खाते समय ज्यादा बोलना भी कुछ लोगों में हवा निगलने को बढ़ा सकता है।
इसलिए भोजन को धीरे-धीरे और अच्छी तरह चबाकर खाना डकार कम करने में मदद कर सकता है।
2. कार्बोनेटेड या गैस वाले पेय
कोल्ड ड्रिंक, सोडा और अन्य फिजी ड्रिंक में कार्बन डाइऑक्साइड गैस होती है। इन पेय पदार्थों का सेवन करने पर शरीर में अतिरिक्त गैस पहुंच सकती है और इसके कारण डकार बढ़ सकती है।
अगर आपको रोजाना बार-बार डकार आती है, तो कुछ दिनों के लिए ऐसे पेय कम करके देखें और देखें कि लक्षणों में कोई बदलाव आता है या नहीं।
3. च्युइंग गम या हार्ड कैंडी का अधिक सेवन
च्युइंग गम चबाने या लगातार हार्ड कैंडी चूसने से व्यक्ति सामान्य से अधिक बार निगल सकता है। इसके साथ हवा भी निगली जा सकती है, जिससे डकार की समस्या बढ़ सकती है।
अगर आपको बार-बार डकार आती है, तो च्युइंग गम और हार्ड कैंडी का सेवन कम करना उपयोगी हो सकता है।
4. एसिड रिफ्लक्स या GERD
एसिड रिफ्लक्स में पेट का अम्लीय पदार्थ भोजन नली की ओर वापस आ सकता है। इससे सीने में जलन, खट्टी डकार, मुंह में खट्टा या कड़वा स्वाद और कभी-कभी डकार की समस्या हो सकती है।
अगर डकार के साथ बार-बार सीने में जलन या खाना अथवा खट्टा पदार्थ गले तक आने की समस्या होती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। लगातार या परेशान करने वाले लक्षणों के लिए डॉक्टर से सलाह लेना उचित है।
5. अपच यानी Indigestion
अपच को मेडिकल भाषा में Dyspepsia कहा जाता है। इसमें पेट के ऊपरी हिस्से में असहजता, जल्दी पेट भरना, पेट फूलना, मतली और डकार जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
कुछ लोगों में अपच कभी-कभी होता है, जबकि कुछ लोगों में यह लंबे समय तक बना रह सकता है। अगर डकार के साथ लगातार पेट की परेशानी बनी हुई है, तो इसके कारण का पता लगाना जरूरी है।
6. पेट में गैस और पाचन संबंधी समस्या
पाचन तंत्र में गैस बनने के कई कारण हो सकते हैं। कुछ खाद्य पदार्थों में मौजूद कार्बोहाइड्रेट पूरी तरह पच नहीं पाते और बड़ी आंत में मौजूद बैक्टीरिया उन्हें तोड़ते समय गैस बना सकते हैं।
कुछ लोगों को दूध या कुछ विशेष खाद्य पदार्थों के बाद गैस, पेट फूलना या अन्य पाचन संबंधी लक्षण अधिक महसूस हो सकते हैं। ऐसे मामलों में भोजन और लक्षणों का रिकॉर्ड रखना उपयोगी हो सकता है।
7. गैस्ट्राइटिस या H. pylori जैसी समस्या
पेट की अंदरूनी परत में सूजन यानी Gastritis या Helicobacter pylori (H. pylori) संक्रमण कुछ लोगों में पेट से संबंधित लक्षण पैदा कर सकता है। इनमें डकार के साथ पेट दर्द, जलन या अपच जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।
केवल डकार देखकर H. pylori या गैस्ट्राइटिस का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। यदि लगातार पेट की परेशानी है, तो डॉक्टर लक्षणों के आधार पर जांच की सलाह दे सकते हैं।
8. तनाव और बार-बार हवा निगलने की आदत
कुछ लोगों में तनाव या घबराहट के दौरान अनजाने में बार-बार हवा निगलने की आदत हो सकती है। इससे डकार बढ़ सकती है। इसलिए यदि डकार किसी खास परिस्थिति, तनाव या जल्दी-जल्दी सांस लेने के दौरान बढ़ती है, तो इस पैटर्न पर ध्यान देना उपयोगी है।
आराम से खाना, धीरे-धीरे खाना और भोजन के दौरान अनावश्यक रूप से ज्यादा हवा निगलने से बचना कुछ लोगों में मदद कर सकता है।
बार-बार डकार के साथ कौन-कौन से लक्षण ध्यान देने योग्य हैं?
सिर्फ डकार आना आमतौर पर गंभीर समस्या का संकेत नहीं होता। लेकिन अगर डकार के साथ निम्न में से कोई लक्षण भी है, तो इसे गंभीरता से लेना चाहिए:
- लगातार या तेज पेट दर्द
- बार-बार सीने में जलन
- खाना निगलने में परेशानी
- लगातार उल्टी या बार-बार उल्टी होना
- बिना कोशिश के वजन कम होना
- भूख लगातार कम होना
- पेट में लंबे समय तक सूजन या असहजता
- खूनी उल्टी
- काला या तारकोल जैसा मल
- डकार के साथ लगातार दस्त या कब्ज
डकार कब सामान्य मानी जा सकती है?
कभी-कभी भोजन या पेय लेने के बाद डकार आना सामान्य हो सकता है। डकार शरीर द्वारा अतिरिक्त हवा को बाहर निकालने का एक प्राकृतिक तरीका है। इसलिए हर डकार को बीमारी समझना जरूरी नहीं है।
समस्या तब अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है जब डकार बहुत ज्यादा हो, लगातार बनी रहे, रोजमर्रा के काम प्रभावित करे या इसके साथ अन्य पाचन संबंधी लक्षण भी दिखाई दें।
बार-बार डकार कम करने के लिए क्या करें?
अगर किसी गंभीर बीमारी के संकेत नहीं हैं, तो रोजमर्रा की कुछ आदतों में बदलाव मदद कर सकते हैं।
- भोजन धीरे-धीरे खाएं।
- खाना अच्छी तरह चबाकर खाएं।
- खाते समय बहुत ज्यादा बात करने से बचें।
- फिजी और कार्बोनेटेड ड्रिंक कम करें।
- च्युइंग गम और हार्ड कैंडी का सेवन कम करें।
- स्ट्रॉ से पेय पीने की आदत कम करें।
- एक बार में बहुत ज्यादा भोजन करने के बजाय जरूरत के अनुसार छोटे भोजन लें।
- किस भोजन के बाद डकार बढ़ती है, इसका रिकॉर्ड रखें।
- अगर धूम्रपान करते हैं तो इसे छोड़ने के लिए मदद लें।
- खाने के तुरंत बाद बहुत भारी गतिविधि या असुविधाजनक स्थिति से बचें।
क्या हर बार डकार का मतलब गैस है?
नहीं। डकार को हमेशा केवल गैस की समस्या मानना सही नहीं है। कई बार डकार अधिक हवा निगलने के कारण होती है। वहीं कुछ लोगों में एसिड रिफ्लक्स, अपच या अन्य पाचन संबंधी समस्याओं के साथ भी डकार हो सकती है।
इसलिए अगर डकार लगातार बनी रहती है, तो केवल गैस की दवा लेने के बजाय उसके संभावित कारण पर ध्यान देना बेहतर है।
डकार के लिए डॉक्टर कौन-सी जांच कर सकते हैं?
डॉक्टर सबसे पहले आपके लक्षणों, खाने-पीने की आदतों, दवाओं और स्वास्थ्य इतिहास के बारे में पूछ सकते हैं। इसके बाद जरूरत के अनुसार शारीरिक जांच या कुछ टेस्ट की सलाह दी जा सकती है।
हर व्यक्ति को सभी जांचों की जरूरत नहीं होती। जांच का चुनाव लक्षणों और डॉक्टर की सलाह के अनुसार किया जाता है। कुछ मामलों में रक्त जांच, मल जांच, इमेजिंग या पाचन तंत्र से संबंधित अन्य जांच की आवश्यकता हो सकती है।
कब तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
अगर डकार के साथ सीने में दर्द या दबाव, सांस लेने में परेशानी, खून की उल्टी, काला मल, तेज और लगातार पेट दर्द, निगलने में परेशानी या बिना कारण वजन कम होना जैसे लक्षण हैं, तो चिकित्सा सलाह लेने में देरी नहीं करनी चाहिए।
विशेष रूप से सीने में तेज या लंबे समय तक रहने वाला दर्द हो तो इसे केवल गैस या डकार समझकर नजरअंदाज न करें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
1. बार-बार डकार आने का सबसे आम कारण क्या है?
बार-बार डकार आने का एक सामान्य कारण खाना-पीना जल्दी करने या अन्य कारणों से अधिक हवा निगलना है। इसके अलावा कार्बोनेटेड ड्रिंक, एसिड रिफ्लक्स और अपच भी कारण हो सकते हैं।
2. क्या गैस के कारण डकार आती है?
हां, पाचन तंत्र में मौजूद गैस और निगली हुई हवा डकार के रूप में बाहर निकल सकती है। हालांकि हर डकार केवल गैस की बीमारी के कारण नहीं होती।
3. क्या एसिडिटी से बार-बार डकार आ सकती है?
एसिड रिफ्लक्स या GERD में कुछ लोगों को बार-बार डकार, सीने में जलन और खट्टी चीज गले या मुंह तक आने जैसे लक्षण हो सकते हैं।
4. खाना खाने के बाद डकार क्यों आती है?
खाने के दौरान हवा निगलना और भोजन के बाद पाचन तंत्र में होने वाली सामान्य गतिविधियां डकार का कारण बन सकती हैं। बहुत जल्दी खाना या गैस वाले पेय लेना इसे बढ़ा सकता है।
5. क्या रोज डकार आना सामान्य है?
कभी-कभी रोज डकार आना सामान्य हो सकता है। लेकिन अगर डकार बहुत ज्यादा है, परेशान करती है या इसके साथ दर्द, उल्टी, वजन कम होना या निगलने में परेशानी जैसे लक्षण हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेना चाहिए।
6. क्या च्युइंग गम से डकार बढ़ सकती है?
हां। च्युइंग गम चबाते समय निगलने की संख्या बढ़ सकती है और इसके साथ अधिक हवा निगली जा सकती है, जिससे कुछ लोगों में डकार बढ़ सकती है।
7. बार-बार डकार के साथ पेट फूलना क्यों होता है?
डकार और पेट फूलना दोनों पाचन तंत्र में गैस से संबंधित हो सकते हैं। कुछ खाद्य पदार्थ, भोजन की आदतें और कुछ पाचन संबंधी समस्याएं दोनों लक्षण पैदा कर सकती हैं।
8. बार-बार डकार आने पर किस डॉक्टर को दिखाएं?
शुरुआत में आप सामान्य चिकित्सक से सलाह ले सकते हैं। जरूरत पड़ने पर डॉक्टर आपको गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट यानी पाचन तंत्र के विशेषज्ञ के पास भेज सकते हैं।
निष्कर्ष
बार-बार डकार आना कई बार केवल ज्यादा हवा निगलने, जल्दी खाने या कार्बोनेटेड ड्रिंक लेने जैसी सामान्य आदतों से जुड़ा हो सकता है। लेकिन एसिड रिफ्लक्स, अपच और कुछ अन्य पाचन संबंधी समस्याओं में भी डकार बढ़ सकती है।
इसलिए यदि डकार कभी-कभी आती है और कोई दूसरा लक्षण नहीं है, तो खाने-पीने की आदतों में बदलाव करके देख सकते हैं। लेकिन अगर समस्या लगातार बनी रहती है या पेट दर्द, सीने में दर्द, निगलने में परेशानी, उल्टी, खून, काला मल या बिना कारण वजन कम होने जैसे लक्षण हैं, तो डॉक्टर से जांच करवाना जरूरी है।
यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। इसे डॉक्टर की जांच, निदान या व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह का विकल्प न मानें। लगातार या गंभीर लक्षण होने पर योग्य डॉक्टर से संपर्क करें। किसी भी दवा को डॉक्टर की सलाह के बिना शुरू या बंद न करें।
स्रोत और संदर्भ
इस लेख की चिकित्सकीय जानकारी को विश्वसनीय स्वास्थ्य स्रोतों जैसे National Institute of Diabetes and Digestive and Kidney Diseases (NIDDK) और Mayo Clinic की उपलब्ध जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है।

